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Sunday, April 14, 2019

The way of reading is also important

Motivational
नमस्कार दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं मैं अपने ब्लॉग पर पिछले कुछ दिनों से सफलता से संबंधित मोटिवेशनल आर्टिकल लिखते आ रहा हूं , जिसे आप सभी ने सराहा भी है । आज मैं आप लोगों के सामने एक नए विषय पर आर्टिकल लिख रहा हूं. आज मैं आपलोगों के लिए पढ़ने के तरीका से संबन्धित article लिख रहा हूँ जिसे पढ़कर आप जरूर लाभान्वित होंगे। अगर आपको मेरा Article पसंद आए तो इसे जरूर अपने दोस्तों, रिस्तेदारों को Share कीजिएगा ताकि वो भी पढ़कर इसका लाभ उठा सके । 

पढ़ने का तरीका भी है महत्वपूर्ण



चाहे युवा किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे  हो या फिर स्कूल, कॉलेज की परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के प्रयास में हो, वे  सब खूब पढ़ते हैं।  लेकिन कई बार खूब पढ़ने पर भी उन्हें मनोवांछित  सफलता प्राप्त नहीं होती।  अधिकांश का कहना होता है कि इतना पढ़ने पर भी कुछ नहीं हुआ।  इससे तो अच्छा है कि पढ़ना ही छोड़ दिया जाए।  लेकिन ऐसा कहने वालों को अपने अध्ययन शैली पर ध्यान देना चाहिए।  सिर्फ पढ़ना और पढ़ने में वक्त गुजारना ही पर्याप्त नहीं है।  पढ़ने का तरीका  और शैली भी महत्वपूर्ण है।  अगर आप मन से पढ़ाई नहीं कर रहे हैं या  आप के लिए पढ़ाई मजबूरी है तो आप इससे कुछ भी ग्रहण नहीं कर पाएंगे।


दरअसल देखा जाए तो हमारी दिनचर्या,  हमारे जीवन शैली में कई रूपों से जुड़ा हुआ है।  स्कूल,  कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही साथ घर पर भी की गई पढ़ाई जीवन हमारी सफलता का सोपान बनती है।

अध्ययन की भूमिका को कैरियर निर्माण और व्यक्तित्व विकास में किसी भी तरह से नकारा नहीं जा सकता।   यदि आप जीवन में प्रगति करना चाहते हैं।  ज्ञान के क्षेत्र में कुछ करना चाहते हैं तो आपको अन्य प्रयासों के साथ ही साथ अपने अध्ययन शैली को भी कारगर बनाना पड़ेगा।

अक्सर आपको अध्ययन  संबंधित  आदतों के बारे में   सुधार की सलाह आप  के माता - पिता,  शिक्षकों से मिलती रहती ही होगी। वैसे आजकल पत्र-पत्रिकाओं में भी इस तरह के सलाह पढ़ने को मिल जाती है।  लेकिन पढ़ाई के बोझ  और भय से विद्यार्थियों को दी गई सलाह  कारगर नहीं लगती जिससे वे  लिक  से हटकर नहीं सोच पाते।
The way of reading is also important
The way of reading is also important

अध्ययन शैली  कारगर  बनाना थोड़ा मुश्किल जरूर है  पर असंभव नहीं।  इसमें कुशलताओं  का बारीकी से विश्लेषण करना पड़ता है। शुरुआत अध्ययन के प्रति लगन से की जा सकती है।  इसके लिए आपको खुद को अनुशासित करना होगा।  और ऐसे लालच,  जिनकी वजह से ध्यान बंटता हो,  प्रभावित होने से बचना होगा।  पढ़ाई के मामले में अनुशासन को अपनाकर विद्यार्थी  अध्यवसायी  होने के महत्व को समझेगा  और ठीक परीक्षा के समय  शॉर्टकट से अपना कोर्स पूरा करने की नौबत नहीं आएगी।  यह  तरीका शुरु में थोड़ा सा कष्ट दायक हो सकता है,  लेकिन आगे चक्र इसके लाभ है। इस तरह की अध्ययन शैली से  निर्णय करने की क्षमता का विकास होता है क्योंकि विद्यार्थियों में  अपनी प्राथमिकताएं तय करने की समझ आती है और उनकी  विश्लेषणात्मक क्षमता प्रखर होती है।  सबसे महत्वपूर्ण  बात होती है कि वह समय का सदुपयोग करना सीख जाता है क्योंकि वह उपलब्ध समय को अध्ययन,  खेलकूद,   रूचियों  जैसे कार्यकलापों के बीच बांटकर संतुलित दिनचर्या  बनानी होती है।  यह सब  उसमें एक तरह का आत्मविश्वास पैदा करता है।


अध्ययन करना और अध्ययन की हुई बात का  मनन करना  दो अलग-अलग चीजें हैं।  यानि आपकी नजरें तो किताब पर है लेकिन दिमाग टीवी में आ रहे क्रिकेट मैच में चल रहा है कि अभी कितने रन हो गए होंगे या कितने विकेट उड़ गए होंगे।   तो इससे शायद ही कुछ ग्रहण कर पाएं।

 कुछ लोग अक्सर 1 पंक्ति या पैराग्राफ को बार बार पढ़ते हैं  यह  दुहराव  पंक्ति या पैराग्राफ में छिपे गहरे  अर्थ को समझने का  हो,  तब तो ठीक हैं लेकिन अगर पढ़ाई मन से नहीं की जा रही है  तो  5-6  घंटे की पढ़ाई  भी व्यर्थ है इसके बजाय मन लगाकर कि घर 1 घंटे की पढ़ाई ही काफी है।

अध्ययन शैली विकसित करते समय सिर्फ और सिर्फ अपने कैरियर पर नजर रखें।  हर जगह अलग अलग तरह की परीक्षाओं का आयोजन होता है  जो कई मायनों में स्कूल एवं कॉलेज की परीक्षाओं से अलग होती है और इसमें वे लोग ही ज्यादा सफल होते हैं जिनके अध्ययन में गहराई हो और जिनके निर्णय जल्दी होते हो और विश्लेषण करने जैसी क्षमताओं से युक्त  हो, रटने  वाले लोग यहां पिछड़ जाते हैं।


यहां भी  महत्वपूर्ण है कि क्या पढ़ा जा रहा है  जाहिर सी बात है कि अगर आपके पास सीमित समय है तो आप इसे गैरजरूरी विषयों के अध्ययन में नहीं गवां सकते।  अतः  उचित होगा कि आप अपने पाठ्यक्रम को बखूबी समझ ले  ताकि पाठ्यक्रम से बाहर के अध्यायों आपका समय नष्ट ना हो।

ऐसे समय में बाजारू उपन्यासों की बजाय  महापुरुषों की आत्मकथाएं  जीवनी,  आत्म विकास,  ज्ञान - विज्ञान से संबंधित पुस्तकों का अध्ययन विद्यार्थियों पर अच्छा प्रभाव डालता है।

आप इन्हे भी पढ़ें :- 

2. हम और हमारा परिवार

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6. जरूरी है सम्पूर्ण समर्पण

7. अभी नहीं तो कभी नहीं

8. मेरा संदेश

9. लोकप्रिए बनने के टिप्स

10. परीक्षा को सामान्य ढंग से लें। 

11. भीड़ से अलग बनें |

12. समय प्रबंधन का क, ख, ग

13. अति महत्वाकांक्षा है हानिकारक

The way of reading is also important


Whether they are preparing for a competitive exam or are in an effort to get good points in the school, college examinations, they all read it well. But even after reading a lot, they do not get the desired success. Most say that nothing has happened even after so much. It is better than to leave that reading. But those who say this should pay attention to their study style. It is not enough just to spend time reading and reading. The method of reading and style is also important. If you are not studying with your mind or you have a compulsion to study, then you will not be able to accept anything from it.

Actually, our routine is linked to many forms in our lifestyle. Along with school and college studies, studies done at home also make life a destination for our success.

The role of study can not be denied in any way in career building and personality development. If you want to progress in life. If you want to do something in the field of knowledge, then you will have to work with your other efforts as well as your study style.

Often you will continue to get advice about improvement of study related habits with your parents, teachers. Well, in today's papers and journals, such advice is read. But the advice given to the students by the burden and fear of studies does not seem effective, so they do not think it out of the lick.

Making the study style work is difficult but it is not impossible. It involves closely analyzing the skills. Started study can be done diligently. You have to discipline yourself for this. And such greed, which causes distraction, will have to be avoided. By adopting discipline in the case of studies, the student will understand the importance of being chivalrous and will not be able to complete his course with the shortcut during the examination. This method can be a bit painful in the beginning, but the further cycle has its advantages. This type of study style develops ability to make decisions because students understand their priorities and their analytical ability becomes intense. The most important thing is that he learns to utilize the time because he has to make available time by distributing between balanced activities such as study, sports, and interests. All this creates a kind of confidence in it.

There are two different things to study and meditate on the study. That is, your eyes are on the book, but the mind is in a cricket match coming to TV, how many runs it has been or how many wickets have flown. So you can hardly accept something from it.

Some people often read 1 row or paragraph repeatedly, to understand the deep meaning of this repetition line or paragraph, then it is fine, but if studies are not being done in the mind, then 5-6 hours of studies are also useless Instead of thinking that home 1 hour only is enough.

While developing the study style, just keep an eye on your career. Everywhere different types of examinations are organized which are different from the examinations of the school and college in many ways and those people are more successful in those whose studies are in depth and whose decisions are quick and with the capabilities of analyzing The people who are crying get lagged here.

It is also important that what is being taught is obviously that if you have limited time then you can not lose it in the study of non-essential subjects. It would therefore be appropriate, that you understand your curriculum so that the chapters outside the curriculum do not waste your time.

At such times, autobiographies of great men rather than barkhukan novels, studies of books related to biography, self-development, knowledge-science, have a good effect on students.




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