mr discount code mr kortings code FACE Classes: If Not Now Or Never

Friday, March 22, 2019

If Not Now Or Never


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“अभी नहीं तो कभी नहीं”


जब लोग आपको वर्तमान में जीने का सुझाव देते है तो अक्सर आपके लिए ऐसा करना कठिन होता है। इसके अपने कारण भी हैं, कई लोगों का वर्तमान ऐसा होता है कि वे उसे भूलकर भविष्य की सुखद कल्पना कर खुश होना चाहते हैं। वही कुछ लोग भविष्य की अनिश्चितता से डरकर उसके बारे में सोचना ही नहीं चाहते और कुछ का अतीत बुरी यादों से भरा होता है । ऐसे में क्या किया जाए?
    
एक तरीका यह है कि वर्तमान की कठिनाइयों से परेशान होने की बजाय हर तरह के संभावित अच्छे बुरे परिणामों के बारे में पहले से ही कल्पना करके देखें । खुद से पूछे कि प्रतिकूल परिस्थिति में भी क्या हो सकता है? अब जब आप ऐसा सोच चुके है तो दिमाग लगाएं कि इस स्थिति को सुधारने के लिए क्या किया जा सकता है? जो कुछ भी दिमाग में आए, उसे लिख लें। इस तरह से अगर कुछ बुरा होता भी है तो उससे निपटने के लिए आप मानसिक रूप से पहले से ही तैयार होंगे।
     
जरा सोचिए व्यर्थ में ही ऐसे भविष्य की चिंता क्यों की जाए, जो अभी आया ही नहीं है। हमारा अतीत भी चिंता करने से बदलने वाला नहीं है। यह भी सोंचे कि अतीत में कई चीजें जिनके बारे में आपने बहुत चिंता की थी, घटित ही नहीं हुई । एक बात हमेशा मन में रखें कि अंत में सब अच्छा ही होगा। वर्तमान में जीने का अभ्यास करते हुए सकारात्मक पक्ष पर ध्यान देने का प्रयास करें और प्रसन्न रहें।
अगर आपका बीता हुआ कल अच्छा नहीं है तो उससे बाहर निकलना ही अच्छा है। भविष्य के प्रति आशावान रहें और वर्तमान में लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयतनशील रहें । ऐसा करने से सृजनशीलता बढ़ेगी व आप समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में ध्यान दे पाएंगे । अपने आप से संवाद स्थापित करें तथा स्वयं को निरंतर उत्साहित भी करते रहें। यह भी आवश्यक है कि आप जहां पर भी रहें, वहाँ का वातावरण सकारात्मक हो। याद रखें कि समय हमेशा प्रतिकूल नहीं रहता । हमेशा ध्यान रखें कि कैसा व्यक्ति बनना चाहते हैं । अपनी सफलताओं का विस्तार करते रहें।
    
साथ ही व्यक्तित्व विकास, पहनावे, आत्मविसवास आदि पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है। हमारी सबसे बड़ी पूंजी समय है । इसलिए इसे सावधानी से व्यस्थित किया जाना चाहिए । ध्यान रखें कि अच्छे पारिवारिक संबंध भी मनोबल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। जब हम प्रसन्न होते हैं तो यह परिवार के सदस्यों के प्रति हमारे व्यवहार से भी जाहिर हो जाता है। हमारी प्रसन्नता आसपास के लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है।
जरा नजर दौराएँ आपके आसपास के सारे लोग कुछ न कुछ कर ही रहें हैं। फिर भी उनमें से अधिकांश सफलता से कोसों दूर हैं । ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका कोई स्पष्ट लक्ष्य नहीं है। वे या तो काम को टालते रहते हैं या फिर उनके बहाने अक्सर कुछ ऐसे होते है कि उनके पास समय नहीं है, बहुत थके है या फिर सही समय की प्रतीक्षा में है। इसलिए सबसे पहले स्पष्ट रूप से सोचना होगा कि आप जीवन में क्या हासिल करना चाहते हैं । फिर उसके अनुसार अपनी प्राथमिकताएँ तय करें तथा कार्य को योजनाबद्ध तरीके से निपटाएँ । कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपनी असफलताओं का ठीकरा दूसरों के सिर पर फोड़ते है। याद रखें कि अपनी सहायता आप स्वयं कर सकते हैं। कभी भी समस्याओं से भागने की कोशिश न करें। अपने आप को कभी व्यर्थ न समझें । इससे पहले कि दूसरे आपका सम्मान करें, स्वयं का सम्मान करना सीखना होगा।
    
नकारात्मक सोच सबसे पहला शत्रु है। और सबसे पहले इसी पर विजय प्राप्त करनी होगी। कार्य को करते हुए हमेशा खुद से पुछते रहें कि आप किस पर भरोसा कर सकते है। साथ ही यह भी पूछें कि कार्य के दौरान क्या सही हो सकता है और क्या गलत? ऐसा करने के बाद सोचें कि अगर कुछ गड़बड़ हो भी गई तो उसे सुधारने के लिए क्या करेंगे? इन प्रश्नों के उत्तर खोजे तथा इनके आधार पर समस्याओं का हल खोजते हुए समय का उचित प्रबंधन भी करें।


लेखक लिन लाईवली ने लिखा है, “जब काम को टालने की प्रवृति पर विजय प्राप्त कर लेते है तो जीवन रूचिकर हो जाता है, क्योंकि आप सारे कार्यों को समाप्त कर आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन अगर काम को कल के लिए टाल देते हैं तो केवल कार्य ही नहीं उससे जुड़ी चिंताएँ भी उस कल तक आपके सिर पर मंडराती रहती हैं। इसलिए कदम बढ़ाइए और नई ऊचाईयों को तलाश कीजिए। याद रखें, अभी नहीं तो कभी नहीं। आज के लिए लिए गए निर्णय ही निर्धारित करते है कि कल आप क्या बनेगे। केवल आप ही बता सकते है कि आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है। एक बार यह तय करने के पश्चात पूरे समर्पण से इसके लिए मेहनत करें। ऐसा करने से संभावनाओं के अकल्पनीय द्वार खुल सकते है। 


When people suggest you live in the present, it is often difficult for you to do this. There are also its own reasons, many people have their present circumstances that they want to forget it and be happy by the happy imagination of the future. Some people are afraid of uncertainty of the future and do not want to think about it and some of them are filled with bad memories. What to do?
One way is to visualize potentially good bad results of all kinds instead of being disturbed by the difficulties of the present. Ask yourself what can happen in adverse circumstances too? Now that you have thought of this, then mind what can be done to improve this situation? Write whatever comes in the brain. If something bad happens in this way, you will be mentally prepared already to deal with it.



Just think in vain why worry about such a future, which has not yet come. Our past too is not going to change from worrying. Also think that many things in the past that you have been very worried did not happen. Always keep one thing in mind that in the end it will be all good. Try to focus on the positive side while practicing live and be happy.
If you have passed a good tomorrow, then it is good to get out of it. Be hopeful of the future, and be current for achieving goals. By doing this, creativity will increase and you will be able to concentrate in finding solutions to problems. Communicate with yourself and continue to excite yourself. It is also important that wherever you live, the environment there is positive. Remember that time is not always unfavorable. Always keep in mind what kind of person you want to be. Keep expanding your successes.

Also it is important to pay attention to personalities, dresses, self-beliefs etc. Our biggest capital is time. Therefore it should be carefully arranged. Keep in mind that good family relationships also help to increase morale. When we are happy, it also becomes clear from our behavior towards family members. Our happiness also positively influences the people around us.
Take a look at all the people around you are doing something or doing nothing. Yet most of them are far from successful. This is because they have no clear goal. They either keep avoiding work or their excuses are often something that they do not have time, are very tired or wait for the right time. So first of all, you have to think clearly what you want to achieve in life. Then decide your preferences accordingly and tackle the work in a planned way. Some people have a habit that they blame their failures on others' heads. Remember that you can help yourself Never try to run away from problems. Never consider yourself worthless Before others can respect you, you have to learn to respect yourself.

Negative thinking is the first enemy. And first of all, we have to win this. While doing the work, always keep asking yourself which one can you trust. Also, ask what can be right during the work and what is wrong? After doing this, think if something goes wrong then what will you do to improve it? Find answers to these questions and also manage the time by looking for solutions to problems based on these.

Writer Lynn Lively wrote, "When you win the tendency to avoid work, life gets interesting, because you end all tasks and move on. But if you postpone work for tomorrow then not only the work, but the worries associated with it also continue to move on your head till that tomorrow.” So, step up and explore new heights. Remember, if not now or never. Decisions taken for today only determine what will be done tomorrow. Only you can tell what is important to you. After deciding this, work hard for it with complete dedication. Doing this can open the unthinkable doors of possibilities.

By:- Madan Jeet Kumar

8 comments:

  1. Bilkul Sahi Kaha sir Aapne ......
    Skaratmak Soch hi Hume aage badhne ki prerna deta h.
    Isliye Soch hamesha skaratmak honi Chahiye.

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  2. Once a time; you used to told me about finding positivity in my work as you said:- Nothing is impossible in the world even the word impossible say I'm possible!!

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  3. So from this command , till now I'm working on this principle

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